
लिबास एक पारंपरिक मालदीवियन महिला पोशाक है। शब्द "लिबास" का शाब्दिक अर्थ मालदीव की आधिकारिक भाषा धिवेही भाषा में "पोशाक" है।लिबास पोशाक में आम तौर पर तीन भाग होते हैं: "फतथा" (कपड़े का टुकड़ा जो सिर को ढकता है), "फरीदा" (लंबी आस्तीन वाली पोशाक) और "मुंडु" (बैगी पतलून)। फरीदा और मुंडू हल्के सूती कपड़े से बने होते हैं और इन्हें पुष्प, ज्यामितीय या पशु रूपांकनों से सजाया जाता है।शादी, पार्टी और समारोह जैसे कई मौकों पर महिलाएं लिबास ड्रेस पहनती हैं। मालदीव की गर्म और नम जलवायु के लिए पोशाक बहुत आरामदायक और ठंडी है।लिबास पोशाक के अलावा, मालदीव की महिलाएं अन्य पारंपरिक पोशाकें भी पहनती हैं, जैसे 'ढिगु हेधुन' (लंबी आस्तीन वाली एक लंबी पोशाक) और 'फीली' (एक हल्की रेशमी पोशाक)।लीबिया की पोशाक पहनना मालदीव की संस्कृति और परंपराओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और स्थानीय संस्कृति की खोज करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक अनूठा अनुभव है। यदि आप मालदीव का दौरा कर रहे हैं, तो आप एक लिबास सूट को एक स्मारिका के रूप में या किसी प्रियजन के लिए उपहार के रूप में खरीदने पर विचार कर सकते हैं।
